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त्वचा की देखभाल -2

 
 

चेहरे पर दाग व धब्बे | spots on face

 
 

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चेहरे पर चाहे कैसे भी दाग हो, नारी का व्यक्तित्व दब जाता है हर सौन्दर्य प्रिया महिला सुन्दरता के इन शत्रुओं से स्वयं को बचाना चाहती है । चेहरे पर दाग व धब्बे कई प्रकार के होते है ।
जैसे- आंखों के नीचे काले गाढ़े घेरे या धब्बे होना, सफेद दाग
 चेचक के दाग, मुँहासों के सफेद व काले दाग,  मस्से

 
   

आंखों के नीचे काले धब्बे ( black spots below the eyes )  :- आंखों के नीचे काले धब्बे होना आम समस्या है कम सोने, अधिक थकान होने, कमजोरी अथवा किसी बीमारी के कारण होते है । प्राय: नींद न आने की बीमारी के कारण होते हैं और उनकी आंखों पर काले धब्बे पड़ जाते है । नींद लेना स्वास्थ्य के लिये आवश्यक है । यदि आपको नींद नही आती, आप को थकावट रहती है तो रोज सुबह घर में ही एक्ससाइज करनी चाहिये ।

 आंखों की चारों तरफ की त्वचा बड़ी नाजुक होती है । इसलिये सौन्दर्य प्रसाधन लगाते समय बड़ी सावधानी बरतनी चाहिये । सोने से पहले त्वचा को नमी देने वाली क्रीम या लोशन इस्तेमाल करनी चाहिये । रूई के फोहे को आंखों के इर्द-गिर्द लगाएं । आंखों के लिये बादाम क्रीम सबसे उपयुक्त होती है । इससे रंग भी साफ होता है और साथ ही त्वचा का पोषण होता है। कोई भी सौन्दर्य-प्रसाधन  तत्व आंखों वाले क्षेत्र पर ज्यादा देर नहीं लगाना चाहिये । चेहरे पर लगाया जाने वाला लेप आंखों के आसपास नहीं लगाना चाहिये । आंखों पर खीरे का रस, आलू का रस तथा गुलाबजल को रूई के फोहे में भिगोकर आंखों पर रखना चाहिये ।

सफेद दाग ( white spots ) - शरीर पर सफेद दाग होना वास्तव में त्वचा का एक क्रियाशील विकार है। ऐसी स्थिति में सफेद दाग को कुष्ठ रोग भी कहते है ।और डॉक्टरी भाषा में ल्यूकोडर्मा कहते है। यह कोई छूत का रोग नहीं है त्वचा में मौजूद मेलनिन तत्व नष्ट होने पर उस स्थान की त्वचा सफेद पड़ जाती है । और यह सफेद दाग महिलाओं के लिये अभिशाप बन जाते हैं  । इस दाग का संबंध शरीर की त्वचा के रंग पर निर्भर होता है । गहरे रंग की त्वचा पर दाग व धब्बे अधिक होते है । क्योंकि सांवली त्वचा में मेलनिन तत्व अधिक होते हैं । यह बात हम आपको अच्छी तरह से बता दें कि सफेद दाग होना कोई वंशानुगत या कुष्ठ रोग नहीं है । सफेद दाग को फैलने से रोकने के लिये दाग वाली त्वचा का रूप ले लेती है । और श्रृंगार द्वारा भी यह दाग अस्थाई रूप से छिपाये जा सकते है ।

चेचक के दाग का प्रभाव :- स्त्रियों के चेहरे पर चेचक के दाग़ों का होना एक अभिशाप समझा जाता है । चेचक के दाग़ों को श्रृंगार द्वारा घटाया अथवा छिपाया जा सकता है। चेचक के दाग दो विधियों से ठीक हो सकते है । प्लास्टिक सर्जरी द्वारा अथवा स्किन पीलिंग द्वारा ।

प्लास्टिक सर्जरी :- इस सर्जरी द्वारा आमतौर पर विदेशों में उपचार  किया जाता है । यह उपचार अत्यंत महंगा होने के कारण हमारे देश में इसका विशेष प्रचलन नहीं है । इस सर्जरी से चेहरे की त्वचा पर छोटे-छोटे अनेक आपरेशन होने के कारण रोगी को काफी तकलीफ सहनी पड़ती है । यह उपचार हमेशा किसी योग्य सर्जन से ही करवाना चाहिये ।

स्किन पीलिंग :- इस विधि द्वारा उपचार के लिये रोगी के चेहरे पर अनेक प्रकार के लेप लगाए जाते है । हर लेप के बाद त्वचा पर से एक परत उतार कर तुरंत दूसरी परत लगाएं । ऐसा 5-6 बार करें । आप देखेंगे कि हर परत के उतरनें के बाद दाग की गहराई कम होने लगती है । इस प्रक्रिया को कई बार दोहराने के बाद त्वचा बेदाग हो जाती है । लेप त्वचा के अनुसार प्रयोग करना चाहिये ।

मुँहासों के सफेद व काले दाग का प्रभाव :- सफेद मुहांसे से भी काले मुँहासों की तरह त्वचा में चिकनाई जम जाने के कारण होते है । इन काले और सफेद मुँहासों में अंतर यह है कि जहां की त्वचा मुलायम और चिकनी होती है वहां रोम छिद्रों में चिकनाई बाहर नहीं निकल पाती इसलिये अंदर ही अंदर वह पस के रूप में बाहर की तरफ उभर आती है । जो ऊपर की तरफ से सफेद तथा नीचे से काले मुँहासों की तरह दिखाई देती है । अधिक चिकनी त्वचा के लिये यह अधिक परेशानी पैदा करती है । इन्हें समाप्त करने के लिये बाजार में उपलब्ध सौन्दर्य प्रसाधन व कुछ घरेलू नुसख़े काम में लाये जा सकते है।

चेहरे को पानी से अच्छी तरह धोकर साफ तौलिये से पोंछ लें और फिर सल्फर लोशन लगाएं । इसके बाद गर्म पानी में तौलिया भिगोकर चेहरे को भाप दें। इस उपाय को करने से त्वचा के बंद छिद्र खुल जायेंगे तथा इसके साथ-साथ आप विटामिन बी. सी की गोलियों का सेवन भी करते रहें ।

मस्सों का प्रभाव

मस्से ( masse ) :- यह त्वचा पर छोटी-छोटी उभरी हुई काली-काली फुंसिया होती है इनकी सतह खुरदरी होती है। यह शरीर के किसी भी भाग में हो सकती है । परंतु हाथों और चेहरे पर हो जाएं तो भद्दी लगती है।  विशेष रूप से यह त्वचा में विषैले कीटाणु घुसने से पैदा होती है। और त्वचा पर बुरा प्रभाव डालती है। कई बार एक ही जगह पर बहुत से मस्से निकल आते है । जिन्हें देखने में घृणा आती है ।  इसके कई इलाज है परंतु यह नहीं कहा जा सकता कि इससे ये फिर से पैदा नहीं होंगे । इन्हें हाथ से खींच कर नहीं निकालना चाहिये । सौन्दर्य-विशेषज्ञ से इनके संबंध में परामर्श करें तो ठीक रहेगा ।

इन मस्सों को रोकने के लिये जिस वस्तु का प्रयोग किया जाता है। उससे इन तक रक्त संचार होना बंद हो जाता है । इन मस्सों पर एक बारीक मजबूत धागा बांधा जाता है । जिससे यह सूख जाते है । और अंत में इन्हें किसी छोटी आरी या ब्लेड से काट दिया जाता है । फिर अच्छी मेडीकेटेड क्रीम या एन्टी सैप्टिक क्रीम लगाने की सलाह दी जाती है ।

 

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